बनारस न्यूज डेस्क: कफ सिरप की तस्करी से जुड़े एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के अवैध कारोबार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार सुबह बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय की कई टीमें राजधानी लखनऊ, वाराणसी, जौनपुर, सहारनपुर के अलावा झारखंड की राजधानी रांची और गुजरात के अहमदाबाद में भी 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर रही हैं। ईडी ने इस कार्रवाई में मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के सहयोगियों, उनसे जुड़े फार्मा सप्लायर और उससे संबंधित चार्टर्ड अकाउंटेंट के ठिकानों को भी निशाने पर लिया है।
पिछले दो महीनों में यूपी के कई जिलों—सोनभद्र, सहारनपुर, गाजियाबाद समेत—में कफ सिरप तस्करी का नेटवर्क सामने आया था, जिसकी कुल कीमत एक हजार करोड़ रुपये से भी ज़्यादा बताई जा रही है। इस मामले में प्रदेशभर में 30 से अधिक एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। राज्य सरकार ने इसे गंभीर मानते हुए एसआईटी का गठन किया है, क्योंकि गिरोह के खिलाफ अवैध भंडारण, परिवहन, बिक्री और सीमा पार तस्करी के ठोस सबूत मिले हैं। नेपाल और बांग्लादेश तक सप्लाई के लिंक मिलने के बाद एजेंसियां और सतर्क हो गई थीं।
इस हाई-प्रोफाइल अवैध कारोबार का मास्टरमाइंड वाराणसी का शुभम जायसवाल बताया जा रहा है, जो फिलहाल फरार है और दुबई में छिपे होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब तक उसके दो प्रमुख सहयोगियों—अमित सिंह टाटा और एसटीएफ से बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह—के अलावा शुभम के पिता भोला सिंह समेत कुल 32 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका को देखते हुए इस मामले में सख्ती बढ़ाई है और हाल ही में शुभम के घर पर पूछताछ के लिए नोटिस भी चस्पा किया था।
कफ सिरप की इतनी बड़ी तस्करी ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और औषधि आपूर्ति प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ईडी की छापेमारी अभी भी जारी है और माना जा रहा है कि पूछताछ व दस्तावेज़ों की जांच के बाद और भी बड़े नाम इस रैकेट से सामने आ सकते हैं। एजेंसी जल्द ही इस मामले में बरामद दस्तावेज़, जब्त संपत्ति और मनी ट्रेल को लेकर विस्तृत खुलासा कर सकती है।